आज हिन्दी दिवस है, इसलिए मैंने सोचा कि आज कुछ लिखा जाए, जो हिंदी और हिंदी भाषी जनों को गौरवान्वित करे। इसलिए मैं कुछ लिख रहा हूँ, अच्छा लगे, तो कृपया अपने मित्रों के साथ साझा अवश्य करें। साझा न कर सकें, तो स्वयं इसे आत्मसात अवश्य करने का प्रयास करें।
आज मैं पढ़ रहा हूँ कि देशज और विदेशज शब्द कौन कौन से हैं, जिनका हम सामान्य वार्तालाप में उपयोग करते हैं।
तो मैंने पाया कि जब बच्चा कक्षा एक मे जाता है, तभी से उसे भारतीय अथवा यों कहें तो हिन्दी के शब्दों के स्थान पर अरबी फारसी के शब्द पढ़ाये और याद कराए जाते हैं, तो वह कैसे पूर्ण रूप से भारतीयता को आत्मसात करेगा।🤔
आप देख सकते हैं।
विदेशी शब्द-जिनका हम भारतीय शिक्षा में उपयोग करते हैं-
कबूतर(फारसी)
खरगोश(फारसी)
गमला(पुर्तगाली)
औरत(फारसी)
गुलाब(फारसी)
चश्मा(फारसी)
आवाज(फारसी)
चाय(चीनी)
लीची(चीनी)
जोश (फारसी)
आराम (फारसी)
उम्र (अरबी)
असर (अरबी)
तारीख(अरबी)-
खबर (अरबी)- आज की ताजा खबर जैसा प्रयोग
किशमिश (फारसी)
रंग (फारसी)
सरकार (फारसी)
गिरफ्तार(फारसी)
नाव (फारसी)
मुर्गा (फारसी)
अचार (पश्तो)
पटाखा (पश्तो)
चाकू (तुर्की)
चम्मच (तुर्की)
कमरा (पुर्तगाली)
अलमारी (पुर्तगाली)
चाबी (पुर्तगाली)(आज कोई कुंजी बोल दे, तो अन्य जन हंसने लगते हैं)
रिक्शा (जापानी)
कैंची(तुर्की)
गरीब (अरबी) हिंदी में निर्धन होता है।
दुनिया (अरबी) संसार/जगत(हिंदी)
अन्य भी बहुत शब्द हैं, विशेष रूप से अंग्रेजी के शब्द।
मुझे पता है कि संभव है कि हम इन सभी शब्दों के स्थान पर हिंदी के सभी शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। लेकिन ऐसा संभव है कि यथासंभव हिन्दी के शब्दों का प्रयोग करें।
और यदि यह भी संभव न हो पाए, तो जो हिंदी के शब्दों का उपयोग कर रहा है, उसे देखकर उसका उपहास न बनाएं। क्योंकि इससे वह हीनभावना से ग्रस्त हो जाता है।
आज आवश्यकता है तो बच्चों को प्राथमिक शिक्षा में " क से कबूतर, ख से खरगोश, ग से गमला, "को बाहर निकालने की। इसके स्थान पर भारतीय भाषाओं के शब्दों (विशेष रूप से संस्कृत, हिंदी, द्रविड़ या अन्य भारतीय भाषाओं ) का उपयोग करना चाहिए।
आप सभी को हिन्दी दिवस की मंगलकामनाएं
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
आज मैं पढ़ रहा हूँ कि देशज और विदेशज शब्द कौन कौन से हैं, जिनका हम सामान्य वार्तालाप में उपयोग करते हैं।
तो मैंने पाया कि जब बच्चा कक्षा एक मे जाता है, तभी से उसे भारतीय अथवा यों कहें तो हिन्दी के शब्दों के स्थान पर अरबी फारसी के शब्द पढ़ाये और याद कराए जाते हैं, तो वह कैसे पूर्ण रूप से भारतीयता को आत्मसात करेगा।🤔
आप देख सकते हैं।
विदेशी शब्द-जिनका हम भारतीय शिक्षा में उपयोग करते हैं-
कबूतर(फारसी)
खरगोश(फारसी)
गमला(पुर्तगाली)
औरत(फारसी)
गुलाब(फारसी)
चश्मा(फारसी)
आवाज(फारसी)
चाय(चीनी)
लीची(चीनी)
जोश (फारसी)
आराम (फारसी)
उम्र (अरबी)
असर (अरबी)
तारीख(अरबी)-
खबर (अरबी)- आज की ताजा खबर जैसा प्रयोग
किशमिश (फारसी)
रंग (फारसी)
सरकार (फारसी)
गिरफ्तार(फारसी)
नाव (फारसी)
मुर्गा (फारसी)
अचार (पश्तो)
पटाखा (पश्तो)
चाकू (तुर्की)
चम्मच (तुर्की)
कमरा (पुर्तगाली)
अलमारी (पुर्तगाली)
चाबी (पुर्तगाली)(आज कोई कुंजी बोल दे, तो अन्य जन हंसने लगते हैं)
रिक्शा (जापानी)
कैंची(तुर्की)
गरीब (अरबी) हिंदी में निर्धन होता है।
दुनिया (अरबी) संसार/जगत(हिंदी)
अन्य भी बहुत शब्द हैं, विशेष रूप से अंग्रेजी के शब्द।
मुझे पता है कि संभव है कि हम इन सभी शब्दों के स्थान पर हिंदी के सभी शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। लेकिन ऐसा संभव है कि यथासंभव हिन्दी के शब्दों का प्रयोग करें।
और यदि यह भी संभव न हो पाए, तो जो हिंदी के शब्दों का उपयोग कर रहा है, उसे देखकर उसका उपहास न बनाएं। क्योंकि इससे वह हीनभावना से ग्रस्त हो जाता है।
आज आवश्यकता है तो बच्चों को प्राथमिक शिक्षा में " क से कबूतर, ख से खरगोश, ग से गमला, "को बाहर निकालने की। इसके स्थान पर भारतीय भाषाओं के शब्दों (विशेष रूप से संस्कृत, हिंदी, द्रविड़ या अन्य भारतीय भाषाओं ) का उपयोग करना चाहिए।
आप सभी को हिन्दी दिवस की मंगलकामनाएं
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